Moral Stories in Hindi For Class 3 Pdf / परी का खजाना मोरल हिंदी कहानी

Moral Stories in Hindi For Class 3 यह जलपरी का खजाना कहानी है . एक गांव में एक लड़का था।  वह अपने माता-पिता के साथ रहता था।  उसके पिता एक मछुआरे थे। वह रोज समुद्र से मछलियां पकड़ते और उसे बाजार में लाकर बेचते थे।   इससे उनकी रोजी रोटी चलती थी।

 

 

 

 

सब कुछ अच्छा चल रहा था।  एक  दिन की बात है उस लड़के के पिता समुद्र में मछलियां पकड़ने के लिए गए।  उस दिन अचानक एक बहुत बड़ा तूफान आया।

 

 

Small Moral Stories in Hindi For Class 3

 

 

 

उस तूफान में उसके पिताजी की नाव उस भयानक तूफ़ान में फंस गयी और उनकी मृत्यु हो गयी।  तूफान इतना बड़ा था कि वह समुद्र से बहुत आगे आते हुए बस्तियों में भारी तबाही मचाया।

 

 

 

इस भयानक सुनामी में सैकड़ों घर तबाह हुए, कईयों लोग मारे गए और बहुत लोग घायल हुए। उन घायलों में उस लडके की माँ भी थी और उनकी हालत बहुत ही खराब थी।

 

 

 

 

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तमाम समाज सेवी संस्था इन घायलों का इलाज कर रही थी लेकिन उसे उसकी मां को बचाने के लिए काफी पैसों की जरूरत थी। घर में कमाने वाले केवल उसके पिताजी ही थे और उनकी मृत्यु के बाद उस लड़के के पास कोई रास्ता नहीं बचा था।

 

 

 

वह एक पेड़ के नीचे  बैठा रो रहा था। तभी उसके पास एक हट्टा – कट्टा  आदमी आया।  उसने उस लड़के से कहा, ” मुझे पता है तुम्हें पैसों की बहुत जरूरत है।   क्या तुम मेरी जहाज पर काम करोगे ?”

 

 

 

 

लड़के के पास कोई चारा न था।  उसने हां कह दिया।  वह आदमी एक समुद्री लुटेरा था जो समुद्री में आने जाने वाली छोटी  जहाजों को लूट कर उसके सभी कीमती सामान को चुरा लेता था।

 

 

 

 

एक  दिन की बात है वह लड़का और समुद्री लुटेरा रोज  की तरह  समुद्र में अपनी जहाज लेकर गए।  वह  समुद्री लुटेरा लडके को बहुत परेशान करता था।

 

 

 

परी का खजाना मोरल हिंदी कहानी

 

 

 

उस समुद्री लुटेरे ने उस लडके से कहा, ” मैं अपने केबिन में सोने जा रहा हूं। तुम आने जाने वाली नाव  और छोटी जहाज़ों पर नजर रखना और जैसे ही कोई ऐसी जहाज दिखाई दे तुरंत ही मुझे सूचित करना। ”

 

 

 

 

लड़के ने हां कहा और उसके बाद वह आदमी अपनी केबिन में जाकर सो गया।  वह लड़का उदास होकर अपने नाव  पर बैठा था। तभी उसे समुद्र में कुछ हलचल सुनाई दी।

 

 

 

उसने देखा एक छोटी जलपरी जहाज के चारों तरफ घूम रही थी।  तभी जलपरी की  निगाह  उस लड़के पर पड़ी। छोटी जलपरी ने उस लड़के से पूछा तुम कौन हो ?

 

 

 

 

पहले तो वह लड़का एक मछली के इस तरह से बोलने पर आश्चर्यचकित रह गया।  उसके बाद उसने कहा मेरा नाम रॉबर्ट है और मैं एक मानव हूं और तुम कौन हो ?

 

 

 

 

नन्हीं जलपरी ने कहा मैं समुद्र की जलपरी हूं।  मुझे मानवों  के बारे में काफी कुछ पता है क्योंकि मेरी दादी जी मानवों  के बारे में बहुत कुछ मुझे बताती रहती है।

 

 

 

अच्छा यह बताओ तुम इस समुद्र में क्या करने आए हो। राबर्ट ने कहा क्या तुम असली जलपरी हो ? इसपर नन्ही जलपरी ने कहा, ” हाँ मैं असली जलपरी हूँ।  ”

 

 

 

 

उसके बाद राबर्ट ने अपनी पूरी बात नन्हीं जलपरी को बता दी। नन्ही  जलपरी बहुत दुखी हुई और बोली यह तो बहुत दुख की बात है कि तुम पैसों के लिए एक ऐसे आदमी के साथ काम कर रहे हो जो बहुत गलत काम करता है।

 

 

ठीक है, मैं तुम्हें अगर कुछ ऐसी चीजें दूँ जिससे तुम्हारे पैसों की जरुरत पूरी हो जाए तो क्या तुम यह काम छोड़ दोगे।  इस पर लड़के ने कहा हाँ मैं यह काम छोड़ दूंगा।

 

 

 

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उसके बाद नन्हीं जलपरी समुद्र के नीचे की सतह पर गई और वहां से ढेर सारे मोती, सीप आदि लेकर आई और उस  खजाने को उस लड़के के हाथ में देते हुए कहा कि, ” यह खजाना उस क्रूर आदमी को दे देना  और यह बेशकीमती मोती अपने पास रख लेना। इससे तुम्हारा सब काम पूरा हो जाएगा। ”

 

 

 

 

उस लड़के ने उस जलपरी को धन्यवाद कहा और नन्ही  जलपरी वहां से चली गई।  कुछ देर बाद जब वह समुद्री लुटेरा वापस आया तो उस लड़के ने समुद्री लुटेरे को ढेर सारा खजाना देते हुए कहा कि, ” यह लो खजाना और यहां से जल्दी चलो।  मुझे अपनी मां का जल्दी इलाज कराना है। ”

 

 

 

 

उस लुटेरे ने पूछा यह  खाजाना तुम्हें कहां से मिला?  इसपर  उस लड़के ने कहा यह मैं नहीं बता सकता लेकिन अब हमें चलना चाहिए।  इसपर वह लुटेरा  बहुत गुस्सा हुआ और उसने बोला कि अगर तुम मुझे नहीं बताओगे तो मैं तुम्हें समुद्र में फेंक दूंगा।

 

 

 

डर के मारे उस लड़के ने सारी बातें बता दी।  तब  वह लूटेरा बहुत खुश हुआ और उसने बोला वह इसका मतलब है कि यहां पर बहुत सारा खजाना है और यह सोचकर वह लुटेरा समुद्र में खजाना लेने के लिए कूद पड़ा।

 

 

 

वह जैसे ही समुद्र में कूदा।  उसे  शार्क मछली का करंट लगा और वहीं पर मर गया।  उसके बाद उस लड़के ने जहाज वापस मुड़ाई और जहाज  लेकर अपने गाँव  आ गया। जहां उसने अपने मां का इलाज किया और बाकी पैसों से उसने बहुत सारे गरीबों की मदद की।

 

 

 

2-   एक गांव में एक लकड़हारा रहता था।  वह रोज  जंगल जाता और जंगल से सूखी लकड़ियां काटकर उन्हें बाजार में बेच  देता।  यही उसकी रोजी-रोटी का साधन था।

 

 

 

एक  दिन की बात है वह रोज की तरह जंगल गया।  गर्मी के दिन थे।  तेज धूप थी।  वह लकड़ियां काटकर बहुत थक चुका था और उसे भूख भी लगी थी।

 

 

 

दोपहर का समय था उसने खाना खाने के लिए एक छायादार जगह ढूंढने लगा और उसके बाद एक सेब के पेड़ के नीचे बैठा और भोजन करने लगा।

 

 

 

उसे भूख बहुत तेज लगी थी। भोजन ख़त्म हो गया और उसकी भूख ख़त्म नहीं हुई।  अभी वह इस बारे में सोच ही रहा था कि अचानक से उसके बगल में एक सेब  गिरा।

 

 

 

उसने जब ऊपर देखा तो वहां एक परी बैठी थी।  वह  परी को देखकर आश्चर्यचकित रह गया।  लकड़हारे को देखकर परी नीचे आई और बोली आप इतने उदास क्यों है ?

 

 

 

तब लकड़हारे ने कहा मैं एक गरीब आदमी हूं।  किसी तरह से लकड़ियां काटकर अपनी जिंदगी चला रहा हूं।  तब परी ने कहा मैं आपको एक फावड़ा देती हूं और उस फावड़े से आप इस पेड़  के चारों तरफ  खुदाई करिए।

 

 

 

आपको यहां पर एक खजाना मिलेगा और यह कहकर परी ने एक मंत्र पढ़ा और वहां एक फावड़ा  आ गया और उसके बाद परी चली गयी।लकड़हारे ने उस पेड़ के चारों तरफ खुदाई शुरू की.

 

 

 

Best Moral Stories in Hindi For Class 3

 

 

 

काफी समय तक खोदने के बाद उसे वहां एक बॉक्स मिला। जब उसने बॉक्स को खोला तो उसने ढेर सारा खजाना था। वह आश्चर्यचकित रह गया।

 

 

 

उसने सोचा परी  ने मुझे यह खजाना लेने के लिए कहा है लेकिन यह अगर किसी और का हुआ तो ? नहीं – नहीं इस जंगल और यहां की हर उस चीज पर राजा का अधिकार है जिसका कोई मालिक ना हो।

 

 

 

अतः  मुझे इस खजाने को राजा के पास ले जाना चाहिए।  वह खजाना भरा बॉक्स लेकर राजा के पास गया और पूरी बात कह सुनाई।  राजा ने उसकी बात बड़े ही गौर से सुनी  और उसके बाद बोला, ” तुम बहुत ईमानदार नागरिक हो।  तुम चाहते तो यह खजाना  चुपचाप रख  सकते थे लेकिन तुम इसे लेकर मेरे पासआये।   मैं तुम्हें इस खजाने को को इनाम स्वरुप प्रदान करता हूं और इसके साथ ही मैं तुम्हे अपने राज्य का कोषाध्यक्ष  नियुक्त करता हूं।  ” आदमी बहुत खुश हुआ अपने घर चला गया और उसके बाद उसका जीवन बहुत ही सुखमय तरीके से कटने लगा।

3- एक गांव में एक किसान रहता था। वह रोज  अपने खेतों में जाता और खेती का काम करता और उसी से उसकी रोजी-रोटी चलती थी। एक दिन वह अपने खेतों में काम कर रहा था तभी उसका फावड़ा एक कठोर चीज से टकराया।

जब उसने थोड़ी और खुदाई की तो उसमें घडा  निकला।  किसान ने सोचा  यह घडा  किसका हो सकता है और इतना बड़ा घडा आखिर किस काम है।  यह सोच कर किसान ने उस घड़े को बगल में रख दिया और फिर से अपने काम में लग गया।

 

 

 

 

दोपहर हुई और किसान के  भोजन करने का समय आ गया तो उसने अपना फावड़ा उस  घड़े में दाल्दिया और भोजन करने चला गया। जब वह भोजन करके वापस अपने खेत पर आया तो आश्चर्यचकित रह गया।

 

 

 

वह घडा फावड़ों से भर गया था।  किसान ने सोचा  ऐसा कैसे हो सकता है ?  एक फावड़ा इतने फावड़ों में कैसे बदल सकता है ? उसे कुछ शक हुआ।

 

 

 

तब उसने पास के आम के पेड़ से एक आम तोड़ा और उस घड़े में से फावड़ों को निकालकर उसमें आम का फल डाल दिया और यह क्या ? वह घडा कुछ ही समय में आम के फल से भर गया।

 

उसने आमों की गिनती की तो वह पुरे सौ थे और फिर उसने फावड़ों की गिनती की वह भी पुरे सौ थे।  तब किसान समझ गया इस घड़े में जादू है।  इसमें जो भी सामान डालो वह कुछ देर में  उनकी संख्या १०० हो जाती है।
किसान उस उस घड़े को लेकर अपने घर आया और अपनी जरूरत की चीजों को उसमें एक एक करके डालने  लगा और कुछ ही समय बाद उसके घर में चीजें  पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो गई।
धीरे-धीरे उस किसान का लालच बढ़ने लगा।  वह तमाम चीजों को उस घड़े में डालता और उसे बाजार में ले जाकर बेच  देता और उससे उसे बहुत पैसा मिलता।
धीरे-धीरे वह बहुत अमीर हो गया। यह बात गाँव के मुखिया को खटकने लगी।  उसने सोचा 2 सालों से इस किसान की फसल भी बर्बाद जा रही है इसके बावजूद भी इसके पास इतना पैसा कैसे आ गया ?

Short Moral Stories in Hindi For Class 3

उसने अपनी नौकरों को यह पता लगाने के लिए भेजा।  एक  दिन की बात है जब किसान  उस घड़े में एक सेब डाला और कुछ समय बाद वह घड़ा  सेब से भर गया तो यह सब मुखिया की नौकर  छुपकर देख रहे थे।
उन्हें बड़ा आश्चर्य हुआ।  उन्होंने आपस में बात की अगर यह घडा  हमें मिल गया तो समझो हमारी नसीब खुल गई।  उन्होंने यह बात जाकर मुखिया को बताई।
मुखिया अपने नौकरों के साथ उस किसान के घर आया और उससे वह घडा छीन  लिया।  मुखिया ने उस घड़े में एक स्वर्ण मुद्रा डाली और देखते ही देखते घडा स्वर्ण मुद्राओं से भर गया।
यह देखकर नौकरों में  लालच आ गया। मुखिया उस घड़े  को अपने पास रखना चाहता था जबकि उसके नौकर उस घड़े को अपने पास रखना चाहते थे और इसी क्रम में वे  आपस में छीना झपटी करने लगे और इस छीना झपटी में घड़ा उनके हाथ से गिरा और टूट गया और घड़े की टूटते ही स्वर्ण मुद्राएं भी खत्म हो गई।
मुखिया और उसके नौकर बहुत निराश हुए  और चुपचाप वहां से चले गए।  किसान ने सोचा सचमुच लालच बुरी बला है। अब मैं भी मेहनत से अपने खेतों में काम करूंगा और खुशी की जिंदगी जिऊँगा।
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