Hindi Small Stories With Pictures / जानिए कैसे हुई भगवान कृष्ण की मृत्यु

Hindi Small Stories जो इस धरा पर आया है उसे एक ना एक दिन जाना है. मृत्यु अटल है. भगवान् श्रीकृष्ण की मृत्यु से जुड़े दो श्राप है. यूँ कहें इन्ही दो श्रापों के कारण भगवान् कृष्ण की मृत्यु हुई. आईये उसके बारे में जानते हैं.

 

 

 

 

 

एक बार की बात है जब ऋषि विश्वामित्र, असित, कश्यप, वशिष्ठ, महर्षि दुर्वासा  और नारद आदि बड़े – बड़े ऋषि – महर्षि पिन्न्दारक क्षेत्र में निवास कर रहे थे. उसी समय भगवान् कृष्ण और जामवंती के पुत्र साम्ब को अन्य किशोर खेल – खेल में स्त्री वेश में सजाकर उन ऋषियों के पास ले गए.

 

 

 

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वहाँ पर उन किशोरों ने ऋषियों से पूछा कि इस स्त्री को बालक कब उत्पन्न होगा. इस पर रिषियों को क्रोध आ गया. किशोरों द्वारा किये गए इस विनोद पर दुर्वासा जी ने श्राप दिया कि इसके पेट से मूसल होगा और वह समस्त यादव कुल का नाश करेगा.

 

 

 

 

 

केवल बलराम और श्रीकृष्ण ही इससे बचेंगे, लेकिन यदुवंश के सर्वनाश के बाद बलराम स्वयं ही शरीर का परित्याग कर समुद्र में प्रवेश कर जायेंगे और श्रीकृष्ण जब एक जंगल में ध्यानस्थ होंगे तो ज़रा नामक बहेलिया उन्हें अपने बाणों से बींध देगा और वह बाण भी इसी मुसल के लोहे से बना होगा.

 

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महर्षि दुर्वासा की बात सुनकर किशोर डर गए और जब उन्होंने साम्ब का पेट जो की गर्भ दिखाने के लिए बनाया गया था उसे खोला तो उसमें एक मूसल मिला.

 

 

 

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इसके बाद उन्होंने मूसल का चूर्ण बनवाकर उसे समुद्र में फिंकवा दिया. लेकिन उसके एक तुकडे को एक मछली निगल गयी और बाकी चूरे समुद्र किनारे एरक नामक घास के रूप में उग गए.

 

 

 

 

 

यह बात भगवान् श्रीकृष्ण और बलराम को भी पता थी और बलराम के कहने पर ही मूसल का चूर्ण करवाया गया था. तब श्रीकृष्ण ने कहा था ऋषियों की बात सत्य होगी.

 

 

 

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उसके बाद भगवान् कृष्ण ने  यदुवंशियों  को तीर्थ पर चलने को कहा. वहाँ उनमें किसी बात पर लड़ाई हो गयी और वे एक दुसरे को उसी एरक नामक घास से मारने लगे.

 

 

 

 

 

इसके बाद बलराम ने समुद्र में समाधि ले ली. उधर मछली के पेट से मिले लोहे को एक बहेलिये ने अपने बाण के नोक पर लगा लिया. एक दिन भगवान् श्रीकृष्ण सोमनाथ के पास एक वन में पीपल के पेड़ के नीचे ध्यानस्थ लेटे हुए थे.

 

 

 

 

 

तभी ज़रा नामक बहेलिये ने दिग्भ्रमित होकर उनके पैर को हिरन की आँख समझ बैठा और विषयुक्त बाण चला दिया और वहीँ श्रीकृष्ण की मृत्यु हो गयी. चूँकि यह भगवान् श्रीकृष्ण का यह पैर वीर बर्बरीक के बाण से कमजोर हो गया था.

 

 

 

 

का रहस्य एक श्राप से जुड़ा है. जब mahabharat का युद्ध समाप्त हो गया और युधिष्ठिर का राजतिलक किया जा रहा था तभी कौरवों की माता और महाराज ध्रितराष्ट्र की पत्नी गांधारी ने krishna god को श्राप दिया कि जिस तरह से कौरवों का नाश हुआ वैसे ही यदुवंश का नाश हो जाएगा.

 

 

 

 

 

द्वारिका जल में डूब जायेगी…..उनके द्वार श्राप दे दिए जाने के बाद चारो तरफ हाहाकार मच गया और गांधारी को भी इसका पश्चाताप हुआ…..वे पश्चाताप में रोते हुए बोलीं कि मैंने आवेश में आकर यह श्राप दे दिया….मैंने अपने १०० पुत्रों को खोया है…मैं इस दर्द को सहन नहीं कर सकी.

 

 

 

 

तब krishna god ने उन्हें समझाते हुए कहा कि… नहीं आपने कुछ गलत नहीं कहा है…यह क्रोध स्वाभाविक है….और यह तो विधाता के द्वारा निश्चित था….मैंने आज तक तमाम माताओं के आशीर्वाद को पाया है तो आज मैं इस श्राप को भी स्वीकार करता हूँ. युधिष्ठिर के राजतिलक के बाद shri krishna  द्वारिका पहुंचे और यदुवंशियों को लेकर प्रभास क्षेत्र आ गए.

 

 

 

 

 

उसके कुछ दिनों बाद महाभारत युद्ध की चर्चा करते हुए सत्यकी और कृतवर्मा में विवाद हो गया और यह विवाद बहुत अधिक बढ़ गया. तभी गुस्से में आकर सात्यकि ने कृतवर्मा का सर काट दिया. इस घटना के फलस्वरूप आपसी युद्ध भड़क गया. सभी लोगों का गुट बन गया और एक गुट दुसरे गुट का संहार करने लगा.

 

 

 

 

 

इस भीषण गृहयुद्ध में krishna god के पुत्र प्रद्युम्न, मित्र सात्यकि तथा अन्य लगभग सभी यदुवंशी मारे गए. उसमें बब्रू और दारुक ही बच पाए और इन्होने ही  यदुवंश को आगे बढ़ाया. इस गृह युद्ध से भगवान श्रीकृष्ण बहुत दुखी हुए.

 

 

 

 

 

दिन वे एक पेड के निचे सोये हुए थे. तभी एक बहेलिया आया और श्रीकृष्ण के तलवे को हिरन की आँख समझ कर उस पर तीर छोड़ दिया…चूँकि कान्हा का तलवा चमक रहा था जिससे वह समझ नहीं पाया और उसका तीर krishna god  की तलवे में लग गया और इससे उनकी मृत्यु हो गयी.

 

 

 

Some Question And Answer कुछ प्रश्न और उत्तर

 

 

 

1- What is the age of Lord Krishna when he died? मृत्यु के समय भगवान् कृष्ण की उम्र कितनी थी?

 

 

 

उत्तर – महाभारत युद्ध के दौरान कृष्ण ८९ वर्ष के थे. उसके बाद वे और ३६ वर्ष जीवित रहते. उनके मृत्यु के समय, समय स्थिर हो गया था. यह द्वापर युग के अंत और कलियुग के शुआत के चिन्ह थे.

 

 

 

2- Who is Jara who killed Krishna? ज़रा कौर था?

 

 

 

उत्तर- कहा जाता है  कि यह बहेलिया बाली का पुनर्जन्म था जिसे भगवान श्रीराम ने त्रेता युग में  छुपकर तीर से वार करके मारा था.

 

 

 

 

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